
अंबिकापुर | विशेष रिपोर्ट
न्यूजवॉल अंबिकापुर सरगुजा : कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। आदतन अपराधी बताए जा रहे मजहर खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पत्रकार पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है।

घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पत्रकार अपने पेशेवर दायित्व का निर्वहन कर रहे थे, तभी आरोप है कि मजहर खान अपने गुर्गों के साथ मौके पर पहुंचा और अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर पत्रकार को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना खतरनाक था कि पत्रकार की जान तक जा सकती थी। घायल पत्रकार को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों पर मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
राजनैतिक संरक्षण के आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आरोपी को कुछ प्रभावशाली लोगों का समर्थन मिल रहा है। तभी एक के बाद एक नए कारनामों को अंजाम देने से पीछे नहीं हट रहा मजहर, अब उन लोगों को बेनकाब करने की आवश्यता है जो ऐसे गुंडों को संरक्षण व पाल रहें हैं।

पत्रकारों में आक्रोश
इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। कई संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। देश में पहले भी पत्रकारों पर हमले के मामलों में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं और सुरक्षा कानून की मांग उठती रही है ।
बड़ा सवाल..?
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या सच लिखने और दिखाने वाले पत्रकार सुरक्षित हैं? हाल ही में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई गई है कि मीडिया पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं ।
प्रशासन से मांग
• आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
• पत्रकार को सुरक्षा प्रदान की जाए
• ऐसे मामलों में सख्त कानून लागू किया जाए
पत्रकार पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार माना जाता है। यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।









