न्यूजवॉल सरगुजा छत्तीसगढ़ : भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में “कार्यक्रम अधिकारी प्रशिक्षण कार्यशाला” का भव्य आयोजन 18 मई 2026 से 24 मई 2026 तक सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सरगुजा, सुभाषनगर, अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़) में किया गया।

यह गौरवपूर्ण आयोजन संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, अम्बिकापुर (छ.ग.) द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एस. एन पाण्डेय एवं सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ श्रद्धा मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
23 तारीख 2026 को ई. टी. आई. प्रशिक्षण कार्यशाला का पंचम दिवस दिवस का शुभारंभ प्रातः योगा अभ्यास किया गया। आज के मुख्य अतिथि राज्य रासेयो प्रकोष्ठ उच्च शिक्षा विभाग छ. ग. के नुतेश्वर वर्मा एवं प्रमुख वक्ता के रूप में साइबर सुरक्षा अम्बिकापुर से अनूज जायसवाल उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम सत्र का शुभारंभ माननीय मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों का स्वागत शॉल,जीवंत पौधा, श्रीफल से किया गया। प्रथम एवं द्वितीय सत्र का शुभारंभ में नुतेश्वर वर्मा ने “रासेयो रजिस्टर का रख-रखाव, पुरस्कार हेतु प्रस्ताव फाइल तथा PFMS” विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
प्रथम एवं द्वितीय सत्र का शुभारंभ में नुतेश्वर वर्मा ने “NSS रजिस्टर का रख-रखाव, पुरस्कार हेतु प्रस्ताव फाइल तथा PFMS” विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि NSS की सफलता का आधार उसके रजिस्टरों का सुव्यवस्थित संधारण है। नामांकन, उपस्थिति, दैनिक गतिविधि, कार्यक्रम एवं लेखा-जोखा से संबंधित सभी रजिस्टर नियमित एवं पारदर्शी रूप से संधारित किए जाने चाहिए, जिससे किसी भी समय निरीक्षण एवं मूल्यांकन में सुविधा हो।

वर्मा ने NSS पुरस्कार हेतु प्रस्ताव फाइल तैयार करने के संबंध में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि फाइल में संस्था की प्रोफाइल, वर्षभर की गतिविधियों का विवरण, विशेष शिविर रिपोर्ट, समाचार पत्रों की कटिंग, फोटो एवं स्वयंसेवकों की उपलब्धियों को सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक है। एक सशक्त एवं प्रमाणिक प्रस्ताव फाइल संस्था को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होती है।
इसके साथ ही उन्होंने Public Financial Management System (PFMS) की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रणाली सरकारी अनुदान के पारदर्शी उपयोग एवं निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। PFMS के माध्यम से NSS इकाइयाँ अपने वित्तीय लेन-देन का ऑनलाइन रिकॉर्ड रख सकती हैं, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए एवं विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञ द्वारा किया गया। प्रशिक्षण सत्र अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा।
तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में साइबर विशेषज्ञ अनुज जायसवाल ने अपने संबोधन में बताया कि इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर अपराध जैसे हैकिंग, फिशिंग, ऑनलाइन ठगी, पहचान चोरी एवं सोशल मीडिया दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।
वक्ता ने प्रतिभागियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, समय-समय पर पासवर्ड बदलने, अनजान लिंक एवं ईमेल से सावधान रहने तथा किसी भी प्रकार की निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन भुगतान करते समय केवल सुरक्षित एवं विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए। इसी

सत्र में आपने मोटिवेशन ऑफ साइबर क्राइम, साइबर क्राइम अपवर्ड ट्रेंड्स, हैकिंग के प्रकार, बैंकिंग फ्रॉड, स्पूफ कॉलिंग, डेटा थेप्ट, वाई फाई हैकिंग इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए आपके द्वारा Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) द्वारा संचालित साइबर हेल्पलाइन एवं पोर्टल की जानकारी भी दी गई, जिसके माध्यम से नागरिक साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा की जानकारी हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
नेक भारत - श्रेष्ठ भारत के निर्माण में NSSकी भूमिका अहम - प्रो. केशरी लाल वर्मा ( माननीय कुलपति मुंबई विश्वविद्यालय)
प्रशिक्षण कार्यशाला का सातवें दिन का शुभारंभ प्रातः योगा अभ्यास किया गया। आज के कार्यक्रम का शुभारंभ मुम्बई विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो केशरी लाल वर्मा जी के मुख्यातिथ्य में किया गया एवं प्रमुख वक्ता के रूप में उप निरीक्षक महिला थाना अम्बिकापुर से श्रीमती सुनीता भारद्वाज जी उपस्थित रहीं।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय कार्यक्रम अधिकारी प्रशिक्षण सह कार्यशाला के प्रत्येक दिन का शुभारंभ प्रातः योग अभ्यास से हुआ। शिविर के छठवें दिन मुख्य वक्ता श्री नुतेश्वर वर्मा ने रासेयो रजिस्टर के सुव्यवस्थित रख-रखाव, पुरस्कार हेतु प्रस्ताव फाइल निर्माण तथा PFMS प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि NSS इकाई की सफलता उसके अभिलेखों की पारदर्शिता और नियमितता पर निर्भर करती है। साथ ही एक प्रभावी प्रस्ताव फाइल संस्था को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अनुज जायसवाल ने साइबर अपराध, फिशिंग, हैकिंग, बैंकिंग फ्रॉड एवं डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को जागरूक किया। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड, संदिग्ध लिंक से बचाव एवं साइबर हेल्पलाइन की जानकारी साझा की। प्रतिभागियों ने सत्र को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया रविवार 24 मई को2026
समापन दिवस की शुरुआत भी योग अभ्यास से हुई। मुख्य अतिथि प्रो. केशरी लाल वर्मा (कुलपति, मुंबई विश्वविद्यालय) ने NSS को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।

प्रथम सत्र में श्रीमती सुनीता भारद्वाज ने POCSO Act 2012 एवं मानव तस्करी पर विस्तार से जानकारी देते हुए बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इसके बाद डॉ. नीता बाजपेयी ने NSS की गतिविधियों, नेतृत्व क्षमता एवं समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को समाज के प्रति उत्तरदायी बनने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यशाला में रासेयो जिला संगठक सरगुजा के प्रो. खेमकरण अहिरवार, स्थानीय कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रानी रजक, सीमा बंजारे, श्रीमती सुनीता दास, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, राकेश राय, राजीव कुमार, अर्चना सोनवानी आदि के साथ सरगुजा संभाग के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आये कार्यक्रम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के अनुभवों का उपयोग NSS गतिविधियों में प्रभावी रूप से करने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यशाला के सफल आयोजन पर सभी सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
सम्पूर्ण कार्यशाला कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना जिला संगठक सरगुजा के प्रो. खेमकरण अहिरवार, स्थानीय कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रानी रजक, सीमा बंजारे, श्रीमती सुनीता दास, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, राकेश राय, राजीव कुमार,अर्चना सोनवानी आदि के साथ सरगुजा संभाग के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आये कार्यक्रम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









