न्यूजवॉल अंबिकापुर सरगुजा : संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा की टीम द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में दो अलग-अलग कार्यवाहियों में कुल 76 नग नशीले इंजेक्शन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

पहली कार्यवाही (02 अप्रैल 2026) गश्त के दौरान अजिरमा बुधवारी बाजार पानी टंकी के पास एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, जो भागने लगा। टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पूरनम विश्वकर्मा (निवासी कटकोना पटना, जिला सूरजपुर) बताया, जो वर्तमान में अंबिकापुर के कालीघाट क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था।
तलाशी के दौरान उसके पास से:
22 नग Rexogesic Injection
22 नग Avil Injection
कुल 44 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।

दूसरी कार्यवाही आज 03 अप्रैल 2026 को
मुखबिर की सूचना पर जेल तालाब, दर्रीपारा क्षेत्र में घेराबंदी कर आराधना नामक महिला आरोपी को पकड़ा गया, जो खुलेआम नशीले इंजेक्शन बेच रही थी। उसके कब्जे से: 20 नग RexogesicInjection12 नग Avil Injectionकुल 32 नग इंजेक्शन जब्त किए गए।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध NDPS Act की धारा 22(सी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

कार्यवाही के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि जेल तालाब क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नशेड़ियों द्वारा कई बार जेल कर्मियों तक को निशाना बनाया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी महिला की लंबे समय से तलाश थी और वह जेल तालाब क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन बेचकर माहौल खराब कर रही थी। सटीक सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया, आगे मीडिया से चर्चा दौरान अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सरगुजा को नशा मुक्त करने के लिए आबकारी उड़नदस्ता टीम लगातार प्रयास कर रही है।और इस मामले में जीरो टोलरेंस की नीति अपना रही है। ।
सम्पूर्ण कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारूराम, अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह, महिला सैनिक चंद्रावती, राजकुमारी सिंह एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








