न्यूजवॉल सरगुजा छत्तीसगढ़ : डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक सरगुजा के दिशा-निर्देश पर थानों में दर्ज प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़/गिरफ्तारी लगातार की जा रही है।

इसी क्रम में थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा म्यूल अकाउण्ट खाता धारक आरोपी की गिरफ्तारी कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, कि पुलिस मुख्यालय (तकनीकी सेवाऐं) नवा रायपुर के द्वारा म्यूल अकाउण्ट के विरूद्व सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।

जिसके परिपेक्ष्य में प्राप्त सूची अनुसार म्यूल अकाउण्ट आईडीबीआई बैंक खाता क्रमांक 0700104000343329 के बैंक स्टेटमेण्ट एवं केवायसी प्राप्त/अवलोकन किया गया, जिसका *खाता धारक लक्ष्मण नागेश पिता भगलू राम पता हाउस नंबर 67 प्राइमरी स्कूल के पास गुजरवार, अम्बिकापुर सरगुजा* के नाम से होना पाया गया।

उपरोक्त म्यूल खाते के विरूद्व देश के अलग-अलग राज्य गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना व तमिलनाडू से साइबर पुलिस पोर्टल में ऑनलाईन शिकायत दर्ज है। दर्ज शिकायत के आधार पर संबंधित म्यूल खाते में कुल 573999/-रूपये प्राप्त किया गया है। जिस संबंध में थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 248/2026 धारा 317(4),318(4),3(5) बीएनएस पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण की विवेचना दौरान म्यूल खाते का बैंक स्टेटमेण्ट व केवाईसी के अवलोकन पर म्यूल खाते में कुल 573999/-रूपये प्राप्त होना पाया गया, इसके अलावा उक्त खाते में दिनांक 21/09/2024 से दिनंाक 14/10/2024 के मध्य कुल 33,15,010/-रूपये भी जमा होकर लगातार अन्य खातों में ट्रांसफर हुए हैं।
खाता धारक/आरोपी लक्ष्मण नागेश को तलब कर पूछताछ कर मेमोरेण्डम दर्ज किया गया, जो आरोपी के द्वारा बताया गया कि वह किसी व्यक्ति को ऑनलाईन गेम में रकम लेनदेन करने हेतु खाता खुलवाकर खाता को प्राप्त करने और लाभ में से हिस्सेदारी बोलने पर आईडीबीआई बैंक शाखा
अम्बिकापुर स्थित खाता का पासबुक, एटीएम एवं सिम को व्यक्ति को देना तथा उसके एवज में 10 हजार रूपये नगद प्राप्त करना बताया है। आरोपी के पेश करने पर घटना में प्रयुक्त मोबाईल व सिम को समक्ष गवाहान जप्त किया गया है। तथा आरोपी के विरूद्व अपराध सबूत पाये जाने से विधिवत् रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना गांधीनगर से थाना प्रभारी/निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, रिषभ सिंह, अमृत सिंह इत्यादि की भूमिका महत्वपूर्ण रही।








