न्यूजवॉल सरगुजा छत्तीसगढ़ : सरगुजा जिले में पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में कलेक्टर सरगुजा अजीत वसंत ने सख्त कार्यवाही करते हुए एक राजस्व निरीक्षक एवं एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार, तहसील मैनपाट के ग्राम उरंगा-बरिमा में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के फसल क्षति मुआवजा निर्धारण का दायित्व श्रीमती संगीता भगत (राजस्व निरीक्षक) एवं चन्द्रदेव मिर्रे (पटवारी) को सौंपा गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि दोनों कर्मचारियों द्वारा मूल (सेटलमेंट) रकबे से अधिक भूमि दर्ज की गई।
इसके अतिरिक्त, मुआवजा अवधि के दौरान संबंधित भूमि का क्रय-विक्रय कर ऑनलाइन अभिलेखों में संशोधन किया गया तथा पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया, जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।

इस प्रकरण में कलेक्टर कार्यालय द्वारा 18 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, किन्तु प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक पाए गए। उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन मानते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशानुसार, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत श्रीमती संगीता भगत एवं श्री चन्द्रदेव मिर्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती संगीता भगत का मुख्यालय “कार्यालय भू-अभिलेख, जिला सरगुजा” तथा चन्द्रदेव मिर्रे का मुख्यालय “कार्यालय तहसीलदार, उदयपुर” निर्धारित किया गया है। दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।इस संबंध में आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त भू-अभिलेख, आयुक्त सरगुजा संभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गयी है।







