न्यूजवॉल/सरगुजा | विशेष रिपोर्ट
सरगुजा संभाग में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक पर कर्तव्य में लापरवाही और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती का हाल ही में तबादलाMCB(मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले में किया गया था।

हालांकि अधिकारियों की अनुमति से वे सूरजपुर पुलिस लाइन में अटैच बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार लाइन अटैच होने के बावजूद वह पिछले करीब एक माह से अधिक समय से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए विभाग द्वारा उनका वेतन भी रोके जाने की चर्चा सामने आई है। विभागीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा है कि ऐसे मामलों से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है।
सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
इसी बीच प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती पर शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जा कर निर्माण कराने का आरोप भी लगाया गया है। इस संबंध में अम्बिकापुर निवासी जितेन्द्र कुमार जायसवाल ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में बताया गया है कि पटवारी हल्का नंबर-56, ग्राम पंचायत अजीरमा में स्थित खसरा नंबर 74/1 की भूमि, जिसे शासकीय भूमि बताया गया है, उस पर करीब दो एकड़ क्षेत्र में अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित प्रधान आरक्षक अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर इस जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
शिकायत में लगाए गए आरोप

प्रशासन को सौंपे गए आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्ति ग्राम अजीरमा का निवासी नहीं है। इसके बावजूद सरकारी जमीन पर निर्माण कराए जाने की बात कही गई है। शिकायत में इसे छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 सहित अन्य नियमों के उल्लंघन का मामला बताया गया है।
प्रशासन से की गई मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से कई बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है, जिनमें—

- राजस्व विभाग से तत्काल स्थल जांच कराए जाने की मांग।
- यदि अवैध कब्जा पाया जाए तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई।
- मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की मांग शामिल है।
- संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई।
विभागीय छवि पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के साथ-साथ पद का दुरुपयोग कर जमीन कब्जे जैसे आरोपों में घिरते हैं, तो इससे विभाग की साख पर भी असर पड़ता है।अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर आगे क्या कार्यवाही की जाती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर आगे क्या कार्यवाही की जाती है।








